2012 May

Hum Bachche

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हम बच्चे कुछ पाते ही इठलाते हैं
पर नहीं सोचते, क्या खोकर कुछ पाते हैं।

ईक घर पाया, वाहन पाऐ, घर बैठे सारा जग पाया
चाँद, सितारे, मंगल तक को छूने का सपना पाया।

क्या गरमी, क्या सर्दी, सब डब्बों में बंद
सौ योजन दूर दुश्मन के सपने मिनटों कुंद।

ईक जननी है जो जनती है, ईक जननी है जो भरती है
जितना पहले को पाया है, उतने दूजे को खोया है।

शोषन की आखिर सीमा है
वो देखो आग ऊगलती है
सीना तेज धड़कता है
रोम-कूप सब बंद हो गए

क्या देती थी, क्या देना है
अब तो उसे सिर्फ लेना है।

Bought another car today, same make, same model, red in color!

Time machine

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I wish I had a time machine or at least some magical power to undo things. I would have gone back in bursts to March 9th and March 26, 2012. And in both the cases, trying to undo what happened.

भगवान के आगे किसी की नहीं चलती है, पर शायद एक कोशिश तो कर ही सकते हैं। कौन कहता है कि आसमान बहुत ऊँचा है? एक पत्थर तो दम से फेंक कर देखो यारो।

Also, heard from the insurance people today. They are not going to cover the damage happened to my car.

This is what happened:

ONY-226, my old car, resting in peace!

ONY-226, my old car, resting in peace!

 

And yes, Happy anniversary to US.

EDIT: Link to the news article here!