जीत या हार

Posted by February 25, 2011 scribble No Comments

समस्या जीत या हार की नही है
समस्या बस जानने की है

ना हम क्रोध जानते हैं ना काम
ना भोग जानते हैं ना मोक्ष
ना अर्जन जानते हैं ना अर्पण

हम ने ना कभी प्यार किया
ना स्वयं को कभी उस काबिल बनाया

यही अगयान्न हमारी पराजय है

जानना ही जीतना है
जीतना ही जीना है
और जीना ही उसे पाना है

अंधेरे में रस्सी साँप जैसी दिखती है
कुछ भागते हैं, कुछ लड़ने की तैयारी करते हैं
जो करीब जाते हैं, वो ही सच जान पाते हैं

करना कुछ भी नही है, सिर्फ़ करीब जाना है…